विघ्नेश्वर भगवान की जै | विद्या गणपती की जै |
कुटिलालकसंयुक्तं
पूर्णचंद्रनिभाननम् |
विलसत्कुंडलधरं
कृष्णं वंदे जगद्गुरम् ||
रागः : कुरंजि
तालः : आदि
ब्रूहि मुकुंदेति
हे रसने पाहि मुकुंदेति ||
केशव माधव गोविंदेति
कृष्णानंद सदानंदेति ||
राधारमण हरेरामेति
राजीवाक्ष घनश्यामेति ||
गरुडगमन नंदकहस्तेति
खंडितदशकंधरमस्तेति ||
अक्रूरप्रिय चक्रधरेति
हंसनिरंजन कंसहरेति ||
गॆज्जॆय कट्टि ओडि ओडि बा बा
ओ! गोपिय कृष्ण आडि ओडि बा बा
निन्न पुट्ट पाद तोरलॆंदॆ बारो
निन्न दिव्य नाम पाडि निंतॆ बारो
देवकीनंदन राधाजीवन
केशव हरे माधव
गोकुल बालक ओडि बा बा
गोपाल बालक आडि बा बा
पांडवरक्षक पापविनाशक
केशव हरे माधव
अर्जुनसारथि अज्ञाननाशक
केशव हरे माधव
गीताबोधक ओडि बा बा
आनंददायक आडि बा बा
कंसविमर्दन काळिंगनर्तन
केशव हरे माधव
आश्रित वत्सल आपद्बांधव
केशव हरे माधव
ओंकारनादवे ओडि बा बा
आनंदगीतव हाडि बा बा
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